बस्तर के सघन वनों के बीच बाणासुर की राजधानी पुरात्विक नगरी बारसूर से 7 की.मी की दूरी पर बस्तर की जीवनदायनी माँ इंद्रावती सात धाराओ में ( कपिल धारा, शिव धारा, शिवर्चन धारा पांडव धारा,कृष्ण धारा, बाण धारा,एवं बोध धारा )में बट कर बोधघाट की पहाड़ियों से नीचे गिरकर एक मनोरम दृश्य बनाती है। यह अत्यंत रमणीय है जब चट्टानों के बीच से नदी कई धाराओं में बट कर भीर से नीचे गिर एक ही धारा में बहती है।
©️हर्ष लाहोटी
कोण्डागांव